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Bharat ke pramukh darre
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Bharat ke pramukh darre

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Bharat ke pramukh darre, भारत के प्रमुख दर्रे, पहाड़ों एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आने- जाने के लिए पाए जाने वाले प्राकृतिक रास्ते को दर्रा कहा जाता है।

Bharat ke pramukh darre

Bharat ke pramukh darre : भारत के प्रमुख दर्रे

Bharat ke pramukh darre : काराकोरम दर्रा

काराकोरम दर्रा ज़्म्मू-कश्मीर राज्य के लद्दाख क्षेत्र में काराकोरम पहाड़ियों के मध्य स्थित है। इस दर्रे से होकर यारकंद एवं तारिम बेसिन का रास्ता गुजरता है।यह दर्रा भारत का सबसे ऊंचा दर्रा है।

Bharat ke pramukh darre : जोजिला दर्रा

यह दर्रा जम्मू-कश्मीर में समुद्रतल से लगभग 3528 मी की ऊंचाई पर स्थित है। जो श्रीनगर को कारगिल और लेह से जोड़ता है। NH-1Dपर स्थित यह दर्रा शीतकाल में अत्यधिक बर्फबारी के कारण बंद रहता है।

  • यह सुरंग लगभग 6800करोड़ रुपये की लागत से बनेगी
  • यह भारत की सबसे लंबी सड़क सुरंग एवं एशिया की सबसे लंबी द्वि-दिशा वाली सुरंग है। जिसकी लंबाई 14 किमी है।

Bharat ke pramukh darre : बुर्जिल दर्रा

बुर्जिल दर्रा समुद्रतल से 4100 मी से अधिक ऊंचाई ऊंचाई पर स्थित है। यह दर्रा कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है। बर्फ से धक जाने के कारण यह शीत ऋतु में व्यापार एवं परिवहन के लिए बंद हो जाता है।

पीर पंजाल दर्रा

पीर पंजाल दर्रा ज़्म्मू-कश्मीर राज्य के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। जम्मू कप श्रीनगर से जोड़ने वाला यह पारंपरिक दर्रा मुगल रोड पर स्थित है। उप प्रायद्वीप के विभाजन के पश्चात इस दर्रे को बंद कर दिया गया है।

बनिहाल दर्रा

जम्मू कश्मीर राज्य के दक्षिण-पश्चिम में पीर पंजाल श्रेणी में स्थित इस दर्रे से जम्मू से श्रीनगर जाने का मार्ग गुरता है। समुद्रतल से 2,835 मी की ऊंचाई पर पिरपंजल श्रेणी में स्थित यह दर्रा जम्मू को श्रीनगर से जोड़ता है। शीत ऋतु में यह बर्फ से ढका रहता है।

शिपकीला दर्रा

शिपकीला दर्रा समुद्र तल से 5669 मी से भी अधिक ऊंचाई पर स्थित है। यह दर्रा सतलज महाखड्ड से होकर हिमांचल प्रदेश को तिब्बत से जोड़ता है। तिब्बत से आने वाली सतलज नदी इसी दर्रे से भारत में प्रवेश करती है।

रोहतांग दर्रा

हिमांचल प्रदेश की पिरपंजल श्रेणी में स्थित इस दर्रे की ऊंचाई 3,979 मी है। यह मनाली को लेह सड़क मार्ग से जोड़ता है इसे हिमांचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले का प्रवेश द्वार कहा जाता है।

बड़ालाचा दर्रा

यह दर्रा समुद्र तल से 4890 मी की ऊंचाई पर हिमांचल प्रदेश राज्य में स्थित दर्रा मनाली को लेह से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। शीत ऋतु में (नवंबर से मध्य मई तक) यह बर्फ से ढके होने के कारण आवागमन के लिए बंद रहता है।

माना  दर्रा

महान हिमालय की कुमायूं पहाड़ियों (उत्तराखंड)में समुद्र तल से लगभग 5611 मी की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ता है। शीतकाल में यह लगभग 6 महीने बर्फ से ढका रहता है।

नीति दर्रा

नीति दर्रा 5068 मी उंचा है। उत्तराखंड के कुमायूं में स्थित है। यह दर्रा उत्तराखंड से तिब्बत को जोड़ता है। शीतकाल में यह बर्फ से ढके होने के कारण मध्य नवंबर से मध्य मई तक बंद रहता है।

नथुला दर्रा

भारत चीन युद्ध 1962 में सामरिक महत्त्व के कारण चर्चित यह दर्रा सिक्किम राज्य की डोंगेक्या श्रेणी में स्थित है। समुद्र तल से इस दर्रे की ऊंचाई 4310 मी है। यह दर्रा प्राचीन रेशमं मार्ग की एक शाखा है। भारत और चीन की सीमा है। भारत और चीन की सीमा से होने वाले तीन व्यापारिक मार्ग में से एक है।

जेलेप्ला दर्रा

यह दर्रा सिक्किम में स्थित है, जो दर्जलिङ्ग व् चुम्बी घाटी से होकर तिब्बत जाने का मार्ग है। समुद्र तल से लगभग 4538 मी की ऊंचाई पर यह स्थित है। यह दर्रा सिक्किम को ल्हासा से जोड़ता है। यह चुम्बी घाटी से होकर गुजरता है।

बोमिडला दर्रा

यह दर्रा अरुणाचल प्रदेश के उत्तर पश्चिम भाग में स्थित है। इससे तवांग घाटी से होकर तिब्बत जाने का मार्ग गुजरता है। यह अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत से जोड़ता है।

यांग्याप दर्रा

यह दर्रा अरुणाचल प्रदेश के उत्तर-पूर्व में स्थित है। इसी दर्रे से के पास से ब्रह्मपुत्र नदी भारत में प्रवेश करती है। यहाँ से चीन के लिए भी मार्ग जाता है।

दिफू दर्रा

यह दर्रा अरुणाचल प्रदेश के म्यामार सीमा पर स्थित है। यह भारत और म्यामार के बीच एक परंपरागत दर्रा है। जो व्यापार एवं परिवहन के लिए पूरे वर्ष के लिए खुला रहता है।

पांगसाउ दर्रा

समुद्र तल से 1136 मी से भी अधिक ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा अरुणाचल प्रदेश को मंडले से जोड़ता है।

तुजु दर्रा

तुजु दर्रा मणिपुर राज्य के दक्षिण-पूर्व में स्थित है इस दर्रे से इम्फाल से लापू व् मयामर जाने का मार्ग गुजरता है।

थालघाट दर्रा

यह दर्रा महाराष्ट्र में पश्चिमी घाट की सगरेनियों में स्थित है। यहाँ से दिल्ली-मुंबई के प्रमुख सड़क व् रेलमार्ग गुजरता है।

भोर घाट दर्रा

यह दर्रा महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट श्रेणी में स्थित है। पुणे-बेलगांव रेलमार्ग व् सड़क मार्ग इसी दर्रे से गुजरते है।

पाल घाट दर्रा यह दर्रा केरल के मध्य-पूर्व में नीलगिरी एवं अन्नामलाई पहाड़ी के बीच स्थित है,जिसकी ऊंचाई 305 मीटर है। कालीकट-त्रिचूर से कोयंबटूर-इरोड के रेल मार्ग इसी दर्रे से गुजरते है।

चांग ला दर्रा

समुद्र तल से 5360 मी से अधिक ऊंचाई पर स्थित महान हिमालय का यह दर्रा लद्दाख से जोड़ता है।

लिपुलेख दर्रा : Bharat ke pramukh darre

यह दर्रा भारत चीन सीमा पर उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है। यह भारत व् चीन के मध्य प्रथम सीमा व्यापार प्वाइंट है। इस दर्रे का उपयोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए किया जाता है। यह भारत और चीन के मध्य होने वाले व्यापार में काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

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